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सपनों की उड़ान

“मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, सिर्फ पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है”, ये कहावत तो आप सबने सुनी होगी. लेकिन इस कहावत पर अमल करने वाले कुछ ही लोग होते हैं. मॉडल का नाम सुनते ही आपके दिमाग में एक खूबसूरत, लंबी और पतली लड़की की छवि बनती होगी. लेकिन क्या कभी आप मॉडल का नाम सुनते ही एक वजनदार लड़की की छवि अपने दिमाग में बना सकते हैं? शायद नहीं, क्योंकि लोग सोच ही नहीं सकते कि कोई वजनदार लड़की भी एक मॉडल हो सकती है. लेकिन आज के इस मॉडर्न युग में कई लड़कियां ऐसी हैं जो लोगों की इस सोच को गलत साबित कर रही हैं और अपनी जिंदगी खुलकर जी रही हैं. आज के इस पोस्ट में हम आपके लिए भारत की एक ऐसी ही प्लस साइज़ मॉडल की कहानी लेकर आये हैं जिनके बारे में जानकर यकीनन आप हैरान हो जाएंगे और हमें यकीन है कि आज के बाद वह लाखों लड़कियों की रोल मॉडल बन जायेंगी.

ये कहानी गुरुग्राम की रहने वाली जिज्ञासा यदुवंशी की है. शुरूआती दिनों में जिज्ञासा ने मेरठ में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की. उन्होंने अपना ग्रेजुएशन यहीं रहकर कम्पलीट किया. इसके बाद उन्होंने टूरिज्म मार्केटिंग मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री ली. पढ़ाई पूरी होने के बाद वह एक कॉर्पोरेट कंपनी में जॉब करने लगीं. जिज्ञासा को एक्टिंग का भी शौक था इसलिए जब भी उन्हें खाली समय मिलता वह थिएटर करती थीं. थिएटर करने के दौरान उनकी दिलचस्पी एक्टिंग में बढ़ने लगी और यहीं से उन्होंने ठान लिया कि उन्हें इस क्षेत्र में कुछ करके दिखाना है. उन्हें पता चल गया था कि वह जॉब के लिए नहीं बनीं और उनकी असली मंज़िल तो कुछ और ही है. इसके बाद जिज्ञासा ने अपने सपनों का पीछा किया और आज वह भारत की एक जानी-मानी प्लस साइज़ मॉडल बन गयी हैं.

आसान नहीं था सफर

लेकिन फर्श से अर्श तक का ये सफर उनके लिए आसान नहीं था. हेल्थ इशू के कारण उनका वेट काफी बढ़ गया था. काफी लोगों ने उन्हें वजन घटाने की भी सलाह दी लेकिन इन सब बातों का असर उन्होंने अपने आप पर नहीं पड़ने दिया. उन्होंने सुनी सबकी लेकिन करी अपने मन की. उन्होंने लोगों की बातों का बुरा मानने की बजाय कुछ कर दिखाने की ठानी. जिज्ञासा के अनुसार जो लोग खुद के बारे में एक राय बना लेते हैं दूसरे लोग भी उन्हें उस नज़रिये से देखने लगते हैं. अगर आप खुद से प्यार नहीं करेंगे तो दूसरों से उम्मीद रखना बेवकूफी है. इसी सोच के साथ जिज्ञासा आगे बढ़ीं और उन्होंने प्लस साइज़ मॉडल के ट्रेंड को आगे बढ़ाया. पहले जो लोग उन्हें अपना वजन कम करने की सलाह देते थे आज वहीं लोग उनकी और उनके काम की तारीफ करते हैं.

जिज्ञासा यदुवंशी जी के साथ बातचीत ।

जिज्ञासा यदुवंशी

•आपके जीवन का शुरुआती सफर कैसा रहा हैं।

● मैं बचपन से ही स्पोर्ट्स में काफी एक्टिव रही हूँ।
मेरे माता पिता ने कभी मेरे और मेरे भाई के बीच अंतर नही किया।
खेलना ,पढ़ना और कामयाबी के सपनो को देखना और उसको पाने के लिए प्रयास किया।
जब तक घर के अदंर थे बाहर की जिंदगी अच्छी लगती थी पर जब बाहर आकर जॉब की तब घर की अहमियत पता चली।
खाने का रूटीन ही नहीं रहा जिसकी वजह से मेरा वजन बढ़ गया।
और व्यस्त अनुसूची के चलते बाकी कारणो की वजह से मैने वजन पर ध्यान नही दिया, और मेरा वजन बढ़ता रहा।
सभी कहने लगे कि इसकी वजह से ये नही होगा वो नही होगा।
पर मैने कभी अपना आत्मविश्वास खोया ।
लोग कहते थे अपना वजन कम करलो तुम अच्छी लगोगी लेकिन मेरा एक ही जवाब रहता था कि मैं अब भी बहुत अच्छी हूँ।
फिर मैंने प्लस साइज को प्रमोट करना शुरू कर दिया।
और फिर मैंने उसके खिलाफ आवाज़ उठाई जो लोग प्लस साइज की मज़ाक बनाते थे।

शुरूवात में लोग कहते थे कि इस इंडस्ट्री में सिर्फ स्लिम लड़कियों को कामयाबी मिलती है।

लेकिन मुझे उन सभी लोगो को गलत साबित करना था।
मैंने सिर्फ अपने काम पर ध्यान दिया और अपने सपनो को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत शुरू करदी।

• ये सच है कि हर सपने को पाने के लिए मुश्किलो का सामना करना पड़ता है,
अपने अपने इस सफर में किन मुश्किलों का सामना किया हैं।

● सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि लोगो की सोच को कैसे बदला जाये।
एक बार जब मैंने खुद पर विश्वास करलिया तो चीज़े आसान नजर आने लगी।
और एक अलग ऊर्जा भरने लगी मेरे अंदर।
खुद ब खुद मेरी शक्ति बढ़ने लगी।

• आपके अनुसार सफलता क्या है।

●मेरे अनुसार सफलता अपने देखे हुए सपनो को हासिल करना हैं।

कोई भी कार्य करो मेहनत और सच्ची लगन के साथ करो कामयाबी जरूर मिलेगी।

मेरा सचमुच ये मानना है कि जिस चीज को आप चाहते हैं उसमे असफल होना जिस चीज को आप नहीं चाहते उसमे सफल होने से बेहतर है।

सफलता पाने के लिए हमें पहले विश्वास करना होगा की हम कर सकते हैं।

•इस फील्ड में आपको आने के लिए सबदे ज्यादा किसने प्ररित किया है ।

● मेरे प्रेरणा में खुद को मानती हूं।
ये मेरा अभिमान नही स्वाभिमान है , क्योंकि हमारे देश में ग्लैमर इंडस्ट्री में सबसे पहले कॉन्फिडेंस देखा जाता हैं।
और में खुद इतनी आत्म प्रेरित थी कि मुझे उस चीज़ से डर नही लगा कभी भी।

• आपको सबसे ज्यादा सहारा किसने प्रदान किया इन मुश्किलो का सामना करने के लिए।

●में अपने आप को खुश नसीब मानती हूं कि मुझे मेरे डायरेक्टर्स , सह – एक्टर्स , सभी स्टाफ ने मुझे प्रोत्साहित किया और हमेशा मुझे आगे बढ़ने को कहा।
एक कामयाब एक्टर के पीछे पूरी टीम का कठिन परिश्रम होता है।
उनके मुझपर विश्वास था और मैंने उन सभी ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की है। मैं सभी की शुक्रगुज़ार हूं।

•आपके जीवन का सबसे अनमोल पल कोनसा है ।

●जीवन बहुत प्यारी चीज़ बनाई है भगवान ने।
बहुत कुछ देखने , समझने को मिला है।
मेरे जीवन का एक एहम पल है , जब में अपने थिएटर एक्टिंग के जुनून को खोजा और उसी तरफ काम करना शुरू किया तब लगा ये मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल है।
और वही मेरे जीवन का सबसे अहम निर्णय रहा है।

• प्लस साइज कुछ लोग खुद लो कमजोर और दुनिया का सामना करने से डरते है, उन सभी के लिए आप प्रेरणा स्त्रोत हैं , उनका उत्साह बढ़ाने के लिए क्या कहना चाहेंगी ।

●रोज सुबह कुछ लोग खुदको कमजोर और दुनिया का सामना करने से डरते है, उन सभी की रोज आईने के सामने खड़े होकर कहना है सिर्फ में अच्छा हु इस धरती पर ” आई एम दी बेस्ट ”
सभी लोग एक जैसे नही होते है
कोई पतला है , कोई मोटा है, कोई लंबा है ।
सभी को भगवान ने अलग बनाया है।
इसीलिए भगवान के दिये हुए तौफे को कूबल करो और खुद लो प्यार करो।
हमेशा खुश रहो , अपने सपनो के प्रति जागरूक रहो और जीवन को अच्छे मुकाम तक लेकर जाओ।

•आपने जो सपना देखा था, आज वो पूरा हो रहा है , कैसा लगता है आपको।

●अभी तो मैंने अपनी कामयाबी की शुरुवात की है , अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।

“मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, सिर्फ पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।”

•हाल ही में प्रधानमंत्री जी पर एक फ़िल्म बन रही है “हमारे प्यारे प्राइम मिनिस्टर” उसका हिस्सा बनकर कैसा महसूस हो रहा है।

●ये फ़िल्म प्रधान मंत्री जी द्वारा चलाये गए “स्वछ भारत अभियान” को लेकर है।
मेरे लिए इस फ़िल्म में काम करना सौभग्य है।
यह फ़िल्म मेरे लिए दोहरी खुशी लेकर आई है।
एक तो फ़िल्म का टाइटल और दूसरा राकेश सर के साथ काम करने का मौका मिला।
बहुत कुछ सिखने को मिला।
एक अच्छा अनुभव रहा है।

•समाज में लड़कियों को प्रेरित करने के लिए उनको स्ट्रांग बनाने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।

●मेरा मानना यह है कि सभी लड़कियों को आत्म सुरक्षाके गुर सीखने चाहिए और किसी पर आश्रित नही होना चाहिए।
सबको खुद पर भरोसा होना चाहिए और खुद को कमजोर नही मानना चाहिए।

By VISHAL AHLAWAT

THANK YOU GOD FOR GIVING ME PARENTS AND THANK YOU FOR GIVING ME BIRTH. I AM A AUTHOR TODAY ONLY BECAUSE OF GOD, PARENTS AND PEOPLE WHO BLESSED ME AND SUPPORT ME. THANK YOU EVERYONE. STAY BLESSED STAY HAPPY. #BETI BACHAO BETI PADHAO #VISHAL AHLAWAT

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